ग्रामीण जल सुधार परिषद (Gramin Jal Sudhar Parishad) उत्तर प्रदेश सरकार की उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर पूरी सक्रियता से काम कर रही है।

इस साझेदारी के तहत दोनों का समन्वय निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं के माध्यम से संचालित होता है:
  • सरकारी और निजी समन्वय (PPP Model): इस योजना के तहत जब कोई प्रवासी (NRI) या दानदाता अपने पैतृक गांव के लिए 60% फंड देता है और राज्य सरकार 40% बजट जारी करती है, तब ग्रामीण जल सुधार परिषद को एक अधिकृत तकनीकी एजेंसी (Technical Vendor) के रूप में प्लांट लगाने का काम सौंपा जाता है।
  • पारदर्शिता और गुणवत्ता: परिषद द्वारा लगाए जाने वाले सभी वाटर एटीएम और कम्युनिटी आरओ प्लांट मातृभूमि योजना के कड़े सरकारी मानकों और जल निगम (ग्रामीण) की गाइडलाइंस के तहत प्रमाणित होते हैं।
  • स्थानीय रोजगार और प्रबंधन: प्लांट स्थापित होने के बाद, परिषद स्थानीय ग्राम पंचायत के साथ मिलकर ‘नल जल मित्र’ और महिला स्वयं सहायता समूहों को इसके दैनिक संचालन के लिए प्रशिक्षित करती है, जिससे गांवों में आत्मनिर्भरता आती है।
1. आवेदन के लिए आवश्यक पात्रता (Eligibility Summary)
  • कौन आवेदन कर सकता है: कोई भी सक्षम नागरिक, सामाजिक समूह, उद्योगपति या प्रवासी भारतीय (NRI) जो अपने पैतृक गांव या किसी चुनी गई ग्राम पंचायत के विकास में योगदान देना चाहता है. 
  • वित्तीय मॉडल (60:40): कुल परियोजना लागत (RO Plant Cost + Infrastructure) का 60% हिस्सा दानदाता को वहन करना होगा. शेष 40% राशि राज्य सरकार (पंचायती राज विभाग) अनुदान के रूप में देती है. 
  • लाभ: परियोजना का नामकरण दानदाता के किसी पूर्वज या उनकी इच्छानुसार रखा जा सकता है, और वहां एक आधिकारिक शिलापट्ट (Plaque) लगाया जाता है. 

2. चरण-दर-चरण ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Process)
  1. ऑनलाइन पंजीकरण (Donor Registration):
      • सबसे पहले पंचायती राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट UP Matri Bhumi Yojana Portal पर जाएं.
      • “Donor Registration” विकल्प पर क्लिक करके अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के माध्यम से पंजीकरण पूरा करें. 

  2. लॉगिन और परियोजना का चयन (Project Registration):
    • पंजीकृत मोबाइल पर प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करें.
    • “Register your Project” सेक्शन में जाकर अपना व्यक्तिगत विवरण भरें.
    • इसके बाद ‘Scheme Details’ में जाकर अपने जिले, विकासखंड (Block) और ग्राम पंचायत का चयन करें.
    • कार्य के प्रकार में “पेयजल व्यवस्था / जन समूह हेतु जल उपचारण व्यवस्था (Water Treatment / Drinking Water Infrastructure)” का चयन करें. 

  3. तकनीकी व्यवहार्यता और तकनीकी टीम का सर्वेक्षण:
    • आपके द्वारा आवेदन जमा करने के बाद, विभाग की तकनीकी टीम (जिसमें ग्राउंड पार्टनर के रूप में ग्रामीण जल सुधार परिषद या संबंधित अधिकारी शामिल होते हैं) चयनित स्थल का भौतिक सत्यापन और जल परीक्षण करती है.
    • इसमें भूजल के दूषण स्तर (TDS, आर्सेनिक, फ्लोराइड) और प्लांट की Feasibility (संभावना) की रिपोर्ट तैयार की जाती है. 

  4. DPR स्वीकृति और भुगतान:
    • तकनीकी सर्वेक्षण के बाद परियोजना की DPR (Detailed Project Report) तैयार कर अपलोड की जाती है.
    • यदि रिपोर्ट और बजट स्वीकृत हो जाता है, तो दानदाता को पोर्टल पर “Pay Now” के माध्यम से अपनी 60% हिस्सेदारी की राशि का भुगतान करना होता है. यह भुगतान किश्तों में या एक बार में किया जा सकता है. 

  5. कार्यान्वयन और निर्माण (Tendering & Execution):
    • दानदाता के अंशदान और सरकार की 40% राशि के संयोजन के बाद पंचायती राज विभाग द्वारा भौतिक निर्माण (Tender/Agency Session) शुरू कराया जाता है.
    • ग्रामीण जल सुधार परिषद (GJSP) जैसी अधिकृत वेंडर एजेंसियां प्लांट की मशीनरी लगाने, बोरवेल, शेड निर्माण और वितरण प्रणालियों (Water ATM) को स्थापित करने का तकनीकी कार्य पूरा करती हैं. 


3. आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
  • दानदाता के लिए: आधार कार्ड, पैन कार्ड, ईमेल आईडी, सक्रिय मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण.
  • ग्राम पंचायत/स्थल के लिए: ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC), प्रस्तावित भूमि/भवन का विवरण जहां प्लांट स्थापित होना है, और स्थानीय जल परीक्षण रिपोर्ट (TDS/Hardness डेटा). 

4. संचालन एवं दीर्घकालिक रखरखाव (O&M Model)
प्लांट चालू होने के बाद, इसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्राम पंचायत और तकनीकी टीम की देखरेख में ग्रामीणों से ₹2 से ₹5 प्रति 20 लीटर जार का मामूली शुल्क लिया जाता है ताकि फिल्टर बदलने और बिजली का बिल निकाला जा सके.
क्या आप अपने विशेष जिले या ग्राम पंचायत के लिए आवेदन शुरू करना चाहते हैं, या आप इस परियोजना के लिए आवश्यक 1000 LPH या 2000 LPH क्षमता वाले आरओ प्लांट की अनुमानित लागत (Cost Estimate Chart) देखना चाहते हैं?

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